एएमएल / केवाईसी नीति
अभी ट्रेडिंग
शुरू करें

एएमएल / केवाईसी नीति

1. लक्ष्य

धन-शोधन / वित्तीय अतिवाद से निपटना (धन-शोधन के खिलाफ़ / अपने ग्राहक को जानने / वित्तीय अतिवाद से निपटना) अवैध गतिविधियों से नाजायज़ राशि बनाने के लिए उसके वित्तीय लेनदेन छिपाने की प्रक्रिया है, गतिविधियाँ जैसे गबन / भ्रष्टाचार / अवैध जुआ / आतंकवाद / संगठित अपराध, जो वैध दिखाई देते हैं।
व्यापक परिभाषा के तहत, धन-शोधन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाती है:
(क) नियोजन – आपराधिक गतिविधि से प्राप्त नकद आय का भौतिक निपटान।
(ख) छिपाना – अवैध आय को उसके स्रोत से अलग करने के लिए वित्तीय लेनदेन की जटिल परतें बनाना,जिनका मकसद लेखा सत्यापन (पैसा कहाँ से आया और कहाँ गया) को छिपाना और गुमनामी प्रदान करना होता है।
(ग) एकीकरण – अपराध से प्राप्त धन के लिए आभासी वैधता का प्रावधान। अगर छिपाने की प्रक्रिया
सफल होती है, तो एकीकरण योजनाएँ धन-शोधन की आय को इस तरह से अर्थव्यवस्था में वापस डालती हैं कि वे सामान्य व्यापार कोष के रूप में प्रतीत होकर फिर से वित्तीय प्रणाली में प्रवेश करती हैं।
इसका मुख्य उद्देश्य अवैध आय के वास्तविक स्रोत को छिपाना और उसे कानूनी रूप से उपयोग करने योग्य बनाना है, ऐसा उसे वित्तीय लेनदेन की शृंखला के माध्यम से वैध राशि में परिवर्तित कर किया जाता है। तकनीकी प्रगति ने
धन-शोधकों को महाद्वीपों के बीच तेज़ी से धन हस्तांतरित करने के अभिनव साधनों को अपनाने में मदद की है,
जिससे जाँच और निवारक कार्रवाई अधिक कठिन बन गई है। वित्तीय अपराध करने के लिए वित्तीय प्रणाली को दुरुपयोग करने के प्रयास
को विश्व स्तर पर बड़ी समस्या के रूप में मान्यता दी गई है, जिससे हर स्तर पर सक्रिय रूप से लगातार निपटने की आवश्यकता है।
ज़िम्मेदार कंपनी के रूप में, हम इसे रोकने को अपनी नैतिक, सामाजिक और आर्थिक ज़िम्मेदारी मानते हैं
कि आपराधिक गतिविधियों से हुई आय के शोधन के लिए वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग रोकें और धन-शोधन के खिलाफ़
वैश्विक युद्ध का समन्वय करें। इस वैश्विक वास्तविकता को रोकने में हमारी भूमिका कड़ी “अपने ग्राहक को जानें” प्रक्रियाओं
से शुरू होती है।
धन-शोधन से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समुदाय के संकल्प के पीछे सच्ची भावना को आत्मसात करते हुए,
कंपनी ने उचित कौशल, देखभाल और परिश्रम के साथ दिन-प्रतिदिन के व्यापार का संचालन करने का संकल्प लिया है और कोशिश करती है कि
वह प्रासंगिक कानूनों, नियमों, विनियमन, कोड और अच्छी प्रथा के मानकों की भावना का हमेशा शब्दशः
पालन करे।
धन शोधन रोधी / आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के उपाय, कंपनी की प्रणाली को
धन-शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए कंपनी का तंत्र इस्तेमाल होने से रोकने के लिए है। इसलिए, धन-शोधन के खिलाफ़ / अपने ग्राहक को जानने
और वित्तीय अतिवाद से निपटने के तैयार किए गे उपायों में शामिल हैं:
1. ग्राहक पहचान प्रक्रिया – “अपने ग्राहक को जानें” प्रक्रियाएँ।
2. संदिग्ध लेनदेन की निगरानी।
3. अनुपालन क्रियाकलाप का क्रियान्वयन।
4. कार्मिक प्रशिक्षण।
5. अभिलेखों का रखरखाव।
6. धन-शोधन के खिलाफ़ / अपने ग्राहक को जानने / वित्तीय अतिवाद से निपटने के लिए उपायों के कार्यान्वयन और अनुपालन उपायों का आवधिक परीक्षण।

“ग्राहक ज़रूरी जाँच-पड़ताल” की प्रक्रियाओं में शामिल हैं:
(क) ग्राहक की पहचान करना;
(ख) यह निर्धारित करना कि क्या ग्राहक तीसरे पक्ष के लिए कार्य कर रहा है और यदि हाँ, तो तीसरे पक्ष की पहचान करना;
(ग) ग्राहक और तीसरे पक्ष की पहचान की पुष्टि करना जिसके लिए ग्राहक कार्य कर रहा है;
इन प्रक्रियाओं और नीतियों का दायरा सभी शाखाओं, कार्यालयों, ठेकेदारों और कंपनी से संबद्ध कंपनियों पर लागू होता है
और इसे समय-समय पर जारी संबंधित परिचालन दिशानिर्देशों के साथ संयोजन के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।
ये प्रक्रियाएँ प्रबंधन और कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी को इनके लिए संबोधित करती हैं:
ग्राहक की स्वीकृति से संबंधित नीतियों, प्रक्रियाओं और नियंत्रणों को बनाना और कार्यान्वित करना,
रखरखाव और निगरानी करना।
ग्राहक ज़रूरी जाँच-पड़ताल।
व्यापार संबंधों या लेनदेन को मना करना या समाप्त करना।
ग्राहक की स्वीकृति, रखरखाव और निगरानी के संबंध में कार्मिक प्रशिक्षण।
खातों, गतिविधियों, नीतियों, प्रक्रियाओं और योजनाओं की निगरानी करना।
जागरूकता और संचार।
प्रबंधन रिपोर्टिंग।
Financial Intelligence Unit (FIU) (वित्तीय आसूचना इकाई) को रिपोर्टिंग (संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट / संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट)।

प्रमुख सिद्धांत और उद्देश्य

इस प्रक्रिया नियमावली में निम्नलिखित प्रमुख सिद्धांत और उद्देश्य हैं:
कंपनी यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक नीतियों और प्रक्रियाओं को पेश करेगी कि
धन-शोधन, वित्तपोषण का प्रसार या आतंकवाद का वित्तपोषण और ग्राहकों के संबंधों से संबंधित गतिविधियों
और लेनदेन के साथ संभव जोखिम को प्रबंधित और कम किया जाए।
व्यापार संबंधों और लेनदेन के संबंध में ग्राहक ज़रूरी जाँच-पड़ताल की प्रक्रियाएं होंगी,
जिन्हें लागू कानून की आवश्यकतानुसार विकसित और कार्यान्वित किया जाएगा।
संभावित ग्राहक के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित करने के लिए, संबंध स्थापित करने की माँग करने वाले व्यक्ति से
उपयुक्त जानकारी प्राप्त करनी होगी। प्राप्त जानकारी को
स्रोत(तों) से प्राप्त जानकारी के साथ तुलना करके सत्यापित करना होगा, जैसा कि कानून द्वारा आवश्यक हो।
कंपनी व्यापार संबंधों या लेनदेन को अस्वीकार या समाप्त कर सकती है,
जहाँ यह जोखिम प्रतीत होता है कि उसकी सेवाओं और बुनियादी ढाँचे का दुरुपयोग
धन-शोधन और/या आतंकवादी वित्तपोषण के लिए किया जाएगा।
कंपनी सभी प्रभावित कर्मचारियों को ग्राहक को स्वीकार करने, रखरखाव और निगरानी
करने का प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
कंपनी इस प्रक्रिया नियमावली के सक्रिय रूप से पालन की लगातार निगरानी करेगी, ताकि कानून द्वारा आवश्यक किए गए उसके दायित्वों
का अनुपालन सुनिश्चित हो।
कंपनी के प्रभावित कर्मचारियों को इस नियमावली की सामग्री से अवगत कराया जाना चाहिए, जिसमें शामिल हैं
उनकी ज़िम्मेदारियां और जो कार्य उनसे अपेक्षित हैं।

कंपनी को सक्रिय रूप से और प्रभावी ढंग से ग्राहक की स्वीकृति, रखरखाव और निगरानी पहल की निगरानी में सक्षम करने के लिए
प्रबंधन रिपोर्ट का उत्पादन किया जाना चाहिए।

2. अनुपालन क्रिया

कंपनी के अनुपालन क्रिया दो स्तरों के होती है और धन-शोधन रिपोर्टिंग अधिकारी
के साथ-साथ धन-शोधन अनुपालन अधिकारी की ज़िम्मेदारियों को बताती है।
1. सीईओ (जो धन-शोधन रिपोर्टिंग अधिकारी के रूप में भी काम करता है) और कंपना का निदेशक मंडल।
कंपनी
सीईओ और निदेशक मंडल की ज़िम्मेदारियों में शामिल हैं:
I. कंपनी के भीतर ऐसी संस्कृति बनाएँ जो भर्ती, चयन, व्यक्तिगत विकास और अनुपालन कर्मियों की
निगरानी सुनिश्चित करने में दृढ़ता बरतकर अनुपालन उद्देश्यों को हासिल करने का
समर्थन करती है।
II. धन-शोधन के खिलाफ़ / अपने ग्राहक को जानने और वित्तीय अतिवाद से निपटने की प्रक्रियाओं के अनुपालन के महत्वपूर्ण महत्व के लिए सभी स्तरों पर कंपनी के कर्मियों के बीच उच्च स्तर की जागरूकता का विकास और प्रचार करना।
III. अनुपालन संबंधी नीतियों और प्रक्रियाओं के लगातार विकास, अद्यतन और कार्यान्वयन
की निगरानी करना।
IV. अनुपालन विभाग के साथ निकट सहयोग से काम कर सुनिश्चित करना कि अनुपालन विभाग
और बोर्ड के सदस्यों के बीच प्रभावी संबंध है।
2. मुख्य परिचालन अधिकारी (जो धन-शोधन अनुपालन अधिकारी के रूप में कार्य करता है) की अध्यक्षता में
कंपनी का अनुपालन विभाग।
धन-शोधन अनुपालन अधिकारी इनके लिए जिम्मेदार है:
I. अनुपालन अधिकारियों की नियुक्ति (अनुपालन विभाग के कार्मिक);
II. अनुपालन अधिकारियों की दिन-प्रतिदिन की गतिविधि पर निगरानी, समन्वय और नियंत्रण।
III. अनुपालन अधिकारियों का प्रशिक्षण।
IV. अनुपालन विभाग के सीईओ और कंपनी के निदेशक मंडल को रिपोर्ट करना,
यदि ऐसा विश्वास करने का कोई कारण है कि संदिग्ध लेनदेन के परिणामस्वरूप धन-शोधन हुआ है/ हो सकता है।
V. धन-शोधन के खिलाफ़ / अपने ग्राहक को जानने और वित्तीय अतिवाद से निपटने के उपायों और अनुपालन प्रक्रियाओं के कार्यान्वयन का आवधिक नियंत्रण।
VI. आवधिक समीक्षा और वर्तमान नियमावली का अद्यतन करना।
अनुपालन विभाग की ज़िम्मेदारियों में शामिल हैं:
I. संदिग्ध लेनदेन का पता लगाने के लिए आवश्यक नियंत्रण तरीका लगाना।
II. लेनदेन रद्द करना या मना करना।

III. कर्मचारियों से या अन्यथा संदिग्ध लेनदेन से संबंधित खुलासे प्राप्त करना।
IV. कर्मचारियों का प्रशिक्षण और संदिग्ध लेनदेन का पता लगाने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश/हैंडबुक
तैयार करना।

3. “अपने ग्राहक को जानें” प्रक्रियाएं

Swissone Group Ltd के लिए ग्राहक सुरक्षा महत्वपूर्ण विचारणीय विषय है और हम अपने ग्राहक के सर्वोत्तम हितों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को बहुत गंभीरता से लेते हैं।

हमने कंपनी को अनुपालन की सर्वोत्तम प्रथाओं और वित्तीय सेवा कंपनियों के लिए बनी नीतियों के एकरूप रखते हुए हमारे ग्राहकों की निजी जानकारी को सुरक्षित करने के लिए बनाईं गईं अपने ग्राहक को जानने की प्रक्रियाओं की शृंखला को लागू किया है। ये पहचान की चोरी, धन-शोधन, धोखाधड़ी या आतंकी गतिविधि की किसी घटना को रोकने के उद्देश्य से लागू हैं।

हम सख्त शून्य सहिष्णुता के आधार पर काम करते हैं। किसी धोखाधड़ी गतिविधि का प्रलेखन किया जाएगा और इसके परिणामस्वरूप ऐसी गतिविधि से संबंधित किसी ट्रेडिंग खाते को तत्काल बंद कर दिया जाएगा। ऐसे किसी खाते में जमा धनराशि जब्त की जाएगी।

ये प्रक्रियाएँ आपके व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित करती हैं और आपके वित्तीय लेनदेन सुरक्षित रहते हैं। हमारी ‘अपने ग्राहक को जानें’ प्रक्रियाओं को पूरा किए बिना, आपकी ट्रेडिंग गतिविधि सीमित होगी, और आप अपने खाते से धन नहीं निकाल पाएँगे।

हमारे साथ ट्रेडिंग खाता खोलने और वित्त पोषण करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:

1. पहचान का प्रमाण दस्तावेज़ (रंगीन फ़ोटो या स्कैन किया), निम्नलिखित प्रस्तुत किए जा सकते हैं:

• पासपोर्ट
• राष्ट्रीय पहचान पत्र

पहचान प्रमाण दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से निम्नलिखित होना चाहिए:

• पूरा नाम
• जन्म तिथि
• जारी करने और समाप्ति की तिथि
• साफ़ तस्वीर

पहचान दस्तावेज़ की न्यूनतम वैधता अवधि समाप्ति तिथि से छह महीने पहले की होनी चाहिए।

2. दूसरा पहचान दस्तावेज, (रंगीन फोटो या स्कैन किया), निम्नलिखित प्रस्तुत किए जा सकते हैं:
• ड्राइविंग लाइसेंस
• बीमा आईडी
• जीवित होने जन्म/विवाह/तलाक का प्रमाण पत्र
• डिप्लोमा
• सैन्य आईडी

3. दस्तावेज़ की रंगीन तस्वीर जो आपके पते की पुष्टि करती है और जारी करने की तारीख से 90 दिन से अधिक पुरानी नहीं है। फ़ोटो को आपके निवास का पूरा पता, पहला और अंतिम नाम, जारी करने की तारीख और आधिकारिक मुहर या बारकोड दिखाना होगा। आप इनमें से जमा कर सकते हैं:
• उपयोगिता बिल
• बैंक स्टेटमेंट
• चेक
• निवास का प्रमाण पत्र
• जुर्माना नोटिस
• कानूनी समझौता

4. आपके द्वारा धनराशि जमा करने के लिए उपयोग किए गए हस्ताक्षरित कार्ड(डों) की दोनों तरफ़ की रंगीन तस्वीरें। अपनी सुरक्षा के लिए, कृपया सीवीवी नंबर और अपने कार्ड(डों) के नंबर(रों) के सातवें से बारहवें अंकों को छिपाएँ, जो आपके कार्ड(डों) के दोनों तरफ़ दिखाई देने वाले पहले छह और अंतिम चार अंकों को छोड़ दें। कार्ड धारक का नाम और समाप्ति तिथि(याँ) दिखाई देनी चाहिए

अनुपालन विभाग को compliance@lexatrade.com पर PDF / JPEG / JPG / PNG छवि स्वरूपों में आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें।

अपने ट्रेडिंग खाते की सक्रियता के बाद जितनी जल्दी हो सके अपना अनुपालन जमा करें। कृपया ध्यान दें कि आपके अधूरे अनुपालन के परिणामस्वरूप आपके ट्रेडिंग खाते पर सीमाएँ हो सकती हैं।

इस बात पर विचार करें कि अधूरे अनुपालन के साथ आपके ट्रेडिंग खाते से किसी निकासी अनुरोध को संसाधित नहीं किया जाएगा।

निकासी अनुरोधों की निगरानी

कंपनी की निकासी नीति निम्नानुसार निर्धारित की गई है:
– ग्राहक को किसी भी समय धन निकालने का अधिकार है। कंपनी का बोनस, यदि लागू हो, तो किसी भी समय निकाला जा सकता है,
लेकिन कुछ शर्तों को पूरा करने पर, जैसा कि उस प्रचार अभियान द्वारा परिभाषित किया गया है, जिसके अंतर्गत
ग्राहक को बोनस दिया गया है।
– ग्राहक को हस्ताक्षरित निकासी आवेदन पत्र कंपनी को प्रदान करना होगा।
– अनुरोधित राशि को उसी खाते में वापस लिया जाना चाहिए, जो वापसी अनुरोध के आधार पर
धन का स्रोत था। उदाहरण: यदि ग्राहक ने बैंक वायर ट्रांस्फ़र (धन का अंतरराष्ट्रीय हस्तांतरण) का उपयोग किया है – तो निकासी को भी
उसी खाते में वायर ट्रांस्फ़र के माध्यम से किया जाएगा, अगर यह क्रेडिट कार्ड से दिया गया था – निकासी
भी उसी क्रेडिट कार्ड में भेजी जाएगी और इसी तरह।
निकासी के लिए उपयुक्त अनुपालन प्रक्रिया नीचे निर्धारित है।
ग्राहकों द्वारा निकासी के मामलों में लागू अनुपालन प्रक्रिया

चरणलेनदेन/प्रक्रियाज़िम्मेदार कर्मचारीपरिणाम
ग्राहकों द्वारा निकासी के मामलों में लागू अनुपालन प्रक्रिया
1.ग्राहक कंपनी को हस्ताक्षरित निकासी फ़ॉर्म वापसी फ़ॉर्म प्रदान करता है।कर्मचारी जो ग्राहक को बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार हैं।निकासी फ़ॉर्म की समीक्षा करें और चरण 2 की ओर आगे बढ़ें।
2.ग्राहक की पहचान (आईडी, टेलीफ़ोन नंबर और अन्य विवरण)। पुष्टि करना कि ग्राहक के खाते में निकासी के लिए पर्याप्त धन है और उस मात्रा में जिस तक कि बोनस धनराशि है, और ग्राहक ने सभी शर्तों को पूरा किया, जैसा कि उस प्रचार अभियान में परिभाषित है, जिसके परिणामस्वरूप ग्राहक को बोनस दिया गया है।कर्मचारी जो ग्राहक को बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार हैं।यदि पहचान और पुष्टि सफल रहे, तो निकासी फ़ॉर्म अनुपालन विभाग को जमा करें। यदि नहीं – ग्राहक को सूचित करें।
3.ग्राहक की पहचान ग्राहक के हाल के लेनदेन की समीक्षा और निकासी की उपयुक्त विधि का निर्धारण।अनुपालन जमा करें। सीईओ (यदि लागू हो) निदेशक मंडल (यदि लागू हो)।यदि समीक्षा सफल रहे – निकासी फ़ॉर्म अनुपालन निकासी फ़ॉर्म वित्तीय विभाग को जमा करें। यदि कोई समस्या होती है, तो अनुपालन विभाग अतिरिक्त जानकारी के लिए उन कर्मचारियों को आवेदन वापस कर सकता है, जो ग्राहक को बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार हैं। उच्च जोखिम स्थितियों में अनुपालन विभाग कंपनी के सीईओ को रिपोर्ट कर सकता है। ऐसे मामलों में निकासी पर सीईओ अंतिम निर्णय ले सकते हैं या, यदि स्थिति असाधारण है, तो निदेशक बोर्ड को रिपोर्ट कर सकते हैं।

संभव सीमा तक, सभी संदिग्ध लेनदेन को अनुपालन विभाग को सूचित किया जाना चाहिए,
इससे पहले कि वे निष्पादित हों। सभी संदिग्ध लेनदेन के पूरे विवरण, निष्पादित किया हो या नहीं, की
अनुपालन विभाग को सूचना दी जानी चाहिए।
संदिग्ध लेनदेन, जिसे उसके निष्पादन से पहले पहचाना गया था, केवल अनुपालन विभाग के पूर्व-स्वीकृति के साथ निष्पादित किया जाना चाहिए।
अनुपालन विभाग के पास सभी आवश्यक जानकारी/दस्तावेज़ों तक उचित पहुँच होनी चाहिए,
जिनकी उसे प्रभावी और मुस्तैदी वाले तरीके से अपनी ज़िम्मेदारियों को निष्पादित करने के लिए जरूरत हो सकती है।

अनुपालन विभाग किसी पहचानी गई महत्वपूर्ण संदिग्ध गतिविधि के बारे में सीईओ को सूचित करने के लिए ज़िम्मेदार
है। सीईओ को कंपनी के निदेशक मंडल तक किसी असाधारण संदिग्ध गतिविधि की सूचना पहुँचा देनी
चाहिए।
निदेशक मंडल यह करने के लिए निर्णय लेता है:
– संदिग्ध गतिविधि को, संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट या संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट के माध्यम से किसी असाधारण संदिग्ध गतिविधि
को Financial Intelligence Unit (FIU) तक पहुँचाए। संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट और संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट में उन लेनदेन
के बारे में विस्तृत जानकारी होती है, जो संदिग्ध हैं या ऐसे दिखाई देते हैं। संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट या संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट का लक्ष्य
सरकार को धोखाधड़ी, आतंकवादी वित्तपोषण में शामिल व्यक्तियों, समूहों और संगठनों की
पहचान करने में मदद करना है। संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट का प्रयोजन पाई गई ज्ञात या
कानून के संदिग्ध उल्लंघन या संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करना है;
– लेनदेन के प्रयोजन का पता लगाने, संबद्ध धन का उद्गम तथा गंतव्य
और किसी अंतिम लाभार्थी की पहचान और पते के लिए उचित उपाय करें।

4. कर्मियों का प्रशिक्षण

कंपनी नए-नए कार्यक्रम लाती है और कर्मचारी-प्रशिक्षण कार्यक्रम को जारी रखती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि
कर्मचारियों को ‘अपने ग्राहक को जानें’ प्रक्रियाओं में पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण का समय और सामग्री लक्षित परीक्षार्थियों के आधार पर
भिन्न होती है। नए कर्मचारियों, कर्मचारी जो नए ग्राहकों को संभालते हैं या ग्राहकों को बनाए रखते हैं, इन सबकी प्रशिक्षण आवश्यकताओं को अलग-अलग चीज़ों पर
ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
नए कर्मचारियों को धन-शोधन के खिलाफ़ / अपने ग्राहक को जानने और वित्तीय अतिवाद से निपटने की प्रक्रियाओं की मूल बातों और सभी प्रासंगिक अनुपालन नीतियों के कार्यान्वयन के महत्व
के बारे में शिक्षित किया जाता है। ये बुनियादी अनुपालन आवश्यकताएं उन्हें नौकरी में प्रवेश लेते समय दो सप्ताह के
प्रशिक्षण के दौरान प्रस्तुत की जाती हैं, जिसे हर नए कर्मचारी को पूरा करना पड़ता है। कर्मचारी
जो ग्राहकों को सीधे संभालते हैं, उन्हें नए ग्राहकों की पहचान सत्यापित करने, निरंतर आधार पर मौजूदा
ग्राहकों के खातों को संभालने में मुस्तैदी बरतने और संदिग्ध गतिविधि के पैटर्न पता लगाने के लिए
प्रशिक्षित किया जाता है।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि कर्मचारियों को उनकी ज़िम्मेदारियां याद रहें, नए सिरे से नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है और
नए घटनाक्रम के बारे में उन्हें सूचित रखा जाता है।
यह महत्वपूर्ण है कि सभी संबंधित कर्मचारी पूरी तरह से ‘अपने ग्राहक को जानें’ नीतियों की आवश्यकता को समझें और लगातार लागू करें। सेवाओं
के भीतर की संस्कृति जो ऐसी समझ को बढ़ावा देती है, सफल कार्यान्वयन की कुंजी है।

गैर अनुपालन के कारण दंड

कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस नियमावली में उल्लिखित अनुपालन नीतियों और प्रक्रियाओं का पालन करें।
अनुपालन करने में विफलता से अनुशासनात्मक कार्रवाई सहित गंभीर परिणाम हो सकते हैं और कुछ मामलों में
व्यक्तिगत आपराधिक दंड भी हो सकता है।

कर्मचारियों के साथ संचार

कंपनी के अनुपालन विभाग और कंपनी के अन्य सभी कर्मचारियों के बीच संचार के खुले चैनल
बनाए गए हैं। कंपनी के कर्मचारियों को धन-शोधन के खिलाफ़ / अपने ग्राहक को जानने और वित्तीय अतिवाद से निपटने के मुद्दों पर आवधिक अद्यतन
प्रदान किए जाते हैं। कंपनी ने नए कर्मचारियों और जारी कर्मचारी-प्रशिक्षण कार्यक्रम की स्थापना की है,
ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर्मचारी अनुपालन प्रक्रियाओं में पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित हैं। अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों
(जो सीधे ग्राहक को संभालते हैं), अनुपालन कर्मचारियों और प्रतिधारण कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण के अलग-अलग उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, ताकि यह
सुनिश्चित किया जा सके कि वे सभी प्रक्रियाओं और नीतियों के पीछे के तर्क को पूरी तरह से समझें और उन्हें लगातार लागू करें।

Download AML / KYC policy

iconAvatar